जिंदगी विरान सी है तेरे बगैर, सब कुछ हैं मेरे पास फिर भी, कुछ कमी सी है तेरे बगैर, रोज याद करता हूं मैं तुझे पुरानी यादों से, न जाने कब ये खालिस पूरी होगी, बैठा रहूंगा इंतजार में तेरे बगैर !
मोहब्बत सबको मिले ये जरूरी नहीं, कहानी सबकी पूरी हो ये भी ज़रूरी नहीं, अधूरी मोहब्बत, अधूरी कहानियां अपने आप में ही पूरी होती हैं, क्योंकी इसमें किसी की रजा, किसी मर्जी बिल्कुल भी जरूरी नहीं !
1. साये मे तेरे हमने मोहब्बत को जाना है और तुझे ही हमने अपनी मंजिल अपना खुदा माना है ! 2. दिल का सुकून पाने चले थे मोहब्बत में उसके खुद को मिटाने चले थे दिल तोड़ दिया उसीने जिन्हें हम अपना बनाने चले थे ! 3. दिल में बसाया है तुमने आँखों में छुपाया है तुमने हम तो अंजान थे मोहब्बत से मोहब्बत क्या होती है इसका एहसास दिलाया है तुमने ! 4. क्या तारीफ करूँ तेरे हुस्न की जिसे फूलों से सजाया है उपर वाले ने तुझे बड़ी फुरसत से बनाया है ! 5. दिल मे मोहब्बत के चिराग जलाये रखेंगे साँसों मे तेरी साँसों को बसाये रखेंगे तु एकबार हां कह के तो देख तुझे दिल के किसी खास कोने मे छिपाये रखेंगे ! 6. लगता है दिल के अरमाँ अधूरे रह जायेंगे साँसों मे मोहब्बत के एहसास अधूरे रह जायेंगे आँखों मे जो सपने संजोये है हमने लगता है ये ख्वाबों के आशियाँ अधूरे रह जायेंगे !
खुद को जब खुद की कमी खलने लगे, तो मेरे पास आ जाना जब दुनिया तुम्हे विराण सी लगने लगे, तो मेरे पास आ जाना जब उठ जाएं यकीं हर किसी पर से तो कर के यकीं मुझपर, मेरे पास आ जाना !
मोहब्बत लुटाकार मोहब्बत को पाना सीखा, बिन कहे कुछ भी सबकुछ केह जाना सीखा, सीखा बड़े बुज़ुर्गों की इज्जत करना, सीखा छोटे मासूमों से मोहब्बत करना, सिखा ज़िंदगी जीने का तरीका अपनो से, खुद को तकलीफ पहुंचाकर दुसरो को हसाना सीखा, खुदा ने हमें इंसान किसी वजह से ही बनाया होगा, इस वजह को ढूंढकर अपनी मंजिल बनाना सीखा, नेक राह पे चलूं हमेशा, कभी ना दुखाऊँ किसी का दिल, काम आऊँ रोज़ किसी न किसीके, बस यही आरज़ू लिए राह पे चले चलना सीखा !
शिर्षक - समय के साथ ___________________ समय के साथ वक़्त बदलते हैं, हालत बदलते हैं, जो बदलते नही अपनी राहें, वही इतिहास बदलते हैं ! मुश्किल कितनी भी हो, परेशानियाँ जितनी भी हों, जो बदलते नहीं राहें, वही अपने अंजाम बदलते हैं ! कोशिश करते रहना जरूरी है आजके दौर मै, क्यों की, लोग बदलते हैं, हालात बदलते हैं, दुनिया बदलती है, जज़्बात बदलते हैं, पर जो बदलते नहींं हैं, वही इतिहास बदलते हैं !