तेरे बगैर – राशिद अंसारी


जिंदगी विरान सी है तेरे बगैर,
सब कुछ हैं मेरे पास फिर भी,
कुछ कमी सी है तेरे बगैर,
रोज याद करता हूं मैं तुझे पुरानी यादों से,
न जाने कब ये खालिस पूरी होगी,
बैठा रहूंगा इंतजार में तेरे बगैर !

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