जिंदगी विरान सी है तेरे बगैर, सब कुछ हैं मेरे पास फिर भी, कुछ कमी सी है तेरे बगैर, रोज याद करता हूं मैं तुझे पुरानी यादों से, न जाने कब ये खालिस पूरी होगी, बैठा रहूंगा इंतजार में तेरे बगैर !
मोहब्बत सबको मिले ये जरूरी नहीं, कहानी सबकी पूरी हो ये भी ज़रूरी नहीं, अधूरी मोहब्बत, अधूरी कहानियां अपने आप में ही पूरी होती हैं, क्योंकी इसमें किसी की रजा, किसी मर्जी बिल्कुल भी जरूरी नहीं !